कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय ने राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार को लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया था। उस समय उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट में कुछ ऐसे कथन दिया था, "लॉकडाउन नहीं लगा सकते, आजीविका भी जरूरी है।" हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट में भी गई।

अब 27 अप्रैल को हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा कि वे हाथ जोड़कर राज्य सरकार से 14 दिनों के लिए बंदी का आग्रह करते है।

इन सबमें एक बात निकलकर आती है कि क्या न्यायपालिकाओ के आदेशों का राज्य सरकारों के लिए कोई महत्व नहीं है? क्या भारत की न्याय व्यवस्था इतनी खराब है कि किसी राज्य की सरकार पर भी उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। न्यायपालिका को विशेष शक्तियां देने का वक्त आ गया है। जिससे कि वो राज्य सरकार पर दबाव बना सके।