जहां अमेरिका, फ़्रांस, इटली और भारत जैसे देश इस
वाइरस से उभर नहीं पा रहे है वही चीन इस बीमारी से पार पा गया
आज फिर कोरोना वाइरस, माफ कीजिएगा चाइनिज वाइरस से पूरी दुनिया मे 1000 से ज्यादा
मौते हुई लेकिन फिर भी अभी तक कोई भी इस बीमारी का हल नहीं निकाल पाया। चीन ने तो वुहान से 76 दिन बाद लॉकडाउन हटा लिया पर दुनिया
को इस चाइनिज वाइरस के चक्कर मे उलझा लिया।
चीन के अनुसार उनके
देश मे आज एक भी मौत नहीं हुई इस वाइरस से। मतलब जहां अमेरिका, फ़्रांस, इटली और भारत जैसे देश इस वाइरस से उभर नहीं
पा रहे है वही चीन इस बीमारी से पार पा गया। दुनिया के बड़े देशो मे जोकि विकसित भी
है, इस वाइरस से रोज हजारो लोग मर रहे है। वैज्ञानिको
के अनुसार इस वाइरस की वैक्सीन बनाने मे 8-10 महीने लग
जाएंगे। मतलब बिना किसी वैक्सीन के चीन ने इस बीमारी से छुटकारा पा लिया, वो भी मात्र 3 महीनो मे।
चीन मे जोकि इस वाइरस
का पिता (Father of Corona) है, अभी तक मात्र 81 हजार कोरोना केस मिले है और मात्र 3200
के करीब लोगो की मौत हुई है, जबकि पूरी दुनिया मे कोरोना के लगभग 14 लाख
केस मिल चुके है और 81 हजार से ज्यादा मौते हो चुकी है। अमेरिका जैसे विकसित देश मे
कोरोना के लगभग 4 लाख केस मिले है और 12000 से ऊपर मौते हो चुकी है। यानि वाइरस के जन्मदाता देश चीन मे पूरी दुनिया के केसो मे से कुल
5% केस मिले है और मात्र 4% मौते हुई है। मृत्यु-दर का आंकड़ा भी बड़ा आश्चर्यजनक
है, जरा इसे देखे-
देश
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मृत्यु-दर
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मौते (लगभग)
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इटली
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12%
|
17000
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स्पेन
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10%
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14000
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चीन
|
4%
|
3300
|
अमेरिका
|
2.5%
|
12800
|
दुनिया
मे सबसे अधिक जनसंख्या होने के बावजूद चीन मे मृत्यु-दर महज 4 फीसदी है।
पिछले दिनो समाचारो
मे आया था कि वुहान मे फिर से चमगादड़, साँपो और खरगोशो जैसे जानवरो कि दावत उड़ाई गयी।
मतलब दुनिया इस बीमारी से बचने का रास्ता ढूंढ रही है और चीन को कोई डर ही नहीं है।
दुनिया के कई बड़े देशो
ने पिछले दिनो भारत से ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन’ नामक दवा जोकि मलेरिया के इलाज मे काम आती है और कोरोना
के इलाज मे सहायक है। इन देशो मे अमेरिका जैसे बड़े देश भी शामिल है, पर चीन को ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन’ की कोई आवश्यकता ही नहीं है।
अभी एक और खबर चल रही
है कि चीन मे पिछले 2-3 महीनो मे 1 करोड़ से ज्यादा मोबाइल
यूजर्स के सिम कार्ड बंद हो गए। तो क्या उन लोगो के मोबाइल फोनो को 2.0 मूवी
का पक्षीराज लेकर उड़ गया। लोगो का कहना है चीन दुनिया से कुछ छुपा रहा है पर मुझे लगता
है चीन कुछ नहीं बहुत कुछ छुपा रहा है।
जहां पूरी दुनिया की
अर्थव्यवस्था चौपट हुई पड़ी है तब चीन की अर्थव्यवस्था उछाल पर है। अमेरिका, भारत, फ़्रांस,
इटली और अन्य कई देशो की अर्थव्यवस्था सबसे निचले स्तर पर है।
अब कई सवाल बनते है
जिनका जवाब चीन के अलावा कोई नहीं दे सकता-
- ü
चीन मे 1 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूजर्स कहाँ गायब हो गए?
- ü
बिना वैक्सीन के चीन मे इतनी बड़ी संख्या मे लोग ठीक कैसे हुए?
- ü
चीन की मृत्यु-दर इतनी कम कैसे है जबकि वही इस वाइरस का जन्मदाता है?
- ü चीन को ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन’ की आवश्यकता क्यो नहीं है?
चीन ने कहा है कि वो
जिम्मेदार देश है। उसने किसी भी प्रकार कि कोई बात नहीं छुपाई। फिर भी उपर्युक्त सवालो
का चीन के पास कोई भी जवाब नहीं है। इसे चाइनिज वाइरस कहना उचित प्रतीत हो रहा है।
-मुकुल कुमार

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