ऑनलाइन पढ़ाई और छात्रों की समस्याए


जकल कोरोना वायरस कोविड-19 नाम की महामारी दुनिया मे विनाश फैला रही है जिसके कारण रोजाना हजारो लोगो की मृत्यु हो रही है। इस महामारी के कारण देश मे लॉकडाउन चल रहा है। इसके कारण सभी स्कूल-कॉलेज बन्द है। ऐसे मे अधिकतर स्कूल-कॉलेजो ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी है। परंतु आज भी देश मे अधिकांश संख्या मे ऐसे छात्र है जिनके पास ऐसे संसाधनो का अभाव है जिसके द्वारा वे ऑनलाइन कक्षाओ मे शामिल हो सके और अपनी पढ़ाई को सही तरीके से जारी रख सके।
अब लोग कोशिश कर रहे है की मोबाइल खरीद ले परंतु लॉकडाउन मे न तो दुकाने खुली है और न ही ऑनलाइन मोबाइल बिक रहे है। ऐसे मे इन छात्रों की पढ़ाई बाधित होना तय है।
आज लॉकडाउन के चलते लोगो के आय के स्त्रोत मे कमी के कारण जिन लोगो के पास मोबाइल है भी वे इंटरनेट रीचार्ज कराने मे असमर्थ है। ऐसे मे देश के 60% से भी ज्यादा छात्रों की पढ़ाई बाधित हो जाएगी।
title
ऐसे मे केवल दो ही रास्ते बचते है जिनसे छात्रों की पढ़ाई बाधित होने से बचाई जा सकती है-
1. संसाधनो का इंतजाम कराके
2. वर्तमान सत्र मे सिलैबस को कम करके

पहला रास्ता थोड़ा मुश्किल है क्योकि लॉकडाउन के समय मे करोड़ो की संख्या मे मोबाइल, टैब, लैपटाप आदि का इंतजाम करना काफी मुश्किल कार्य है। यदि मान ले की इन संसाधनो का इंतजाम हो भी गया तो इंटरनेट को उपलब्ध कराना सबसे मुश्किल कार्य है।
ऐसे मे दूसरा रास्ता बचता है - सिलैबस को कम करके ।
सिलैबस को कम करके सभी छात्रों को स्टडी नोट्स उनके घर पर ही उपलब्ध कराये जाए ताकि कम से कम सिलैबस को लॉकडाउन खुलने पर आसानी से पूरा कराया जा सके।
ऐसा करने से छात्रों के ऊपर से भी दबाव काफी कम होगा।